हिंदीब्लॉगजगत
अच्छे हिंदी बलॉग पढ़नेवालों के लिए - Collection of Best Hindi Blogs.
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जलवायु परिवर्तन ने फ्रांस और स्पेन की जंगल की आग को बनाया और घातक, वैज्ञानिकों ने बताए चौंकाने वाले कारण - WWA अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन ने फ्रांस और स्पेन में विनाशकारी जंगल की आग की संभावना कई गुना बढ़ा दी। जानिए वैज्ञानिकों की पूरी चेतावनी।1 दिन पहले
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एक ख़त प्यारा सा। - मैं ख़ुद तो सुबह की चाय नहीं पीती पर बाक़ी सबके लिए चाय बनाते वक्त आपकी चाय और अरारोट के बिस्किट याद आये जो आपने मुझे सजेस्ट किए थे। आज भी मैं चाय बनाते वक...3 दिन पहले
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नई बोतल में पुरानी शराब छोड़ कुछ नया लाईए पांडे जी - *डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाईन के नाम पर हर बार मजाक ठीक नहीं * *राजनांदगाँव।* साल 2018। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना लगने के कुछ समय पहले का वक्त। 6 अक्टूबर 2018...3 दिन पहले
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त्रासद विभ्रम का दौर - *इष्ट देव सांकृत्यायन * ॥श्री गुरुचरण कमलेभ्यो नमः॥ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लोगों को लगा होगा कि अब बवाल थम जाएगा। कॉक्रोच अलग प्रसन्न हुए कि वे...3 दिन पहले
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29-07-2026 मंगल-मिलन, पाप और प्रायश्चित - 29-07-2026मंगल-मिलन, पाप और प्रायश्चित आज जैसे ही तोताराम आया हमने कहा- तोताराम,पेपर लीक … उसने हमारा वाक्य भी पूरा नहीं होने दिया और बिफर पड़ा- क्या हर समय...3 दिन पहले
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न विधायक न MLC, फिर कैसे मंत्री बने हुए हैं? - क्या कोई व्यक्ति बिना विधायक या विधान परिषद सदस्य बने लंबे समय तक मंत्री बना रह सकता है? क्या संविधान में दी गई 6 महीने की छूट को बार-बार इस्तेमाल किया जा ...4 दिन पहले
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एक गीत -मोगरे का फूल जूड़े में - चित्र साभार गूगल एक गीत -मोगरे का फूल जूड़े में मोगरे का फूल जूड़े में सजाती है. नदी हँसकर ज़िन्दगी का गीत गाती है. धूप -छाँही सफऱ में ...4 दिन पहले
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सो काफ़िर बे पीर... - - *दिनेश कर्नाटक* * कबिरा सोई पीर है, जो जाने पर पीर।जो पर पीर ना जानई, सो काफिर बे पीर।* (कबीर कहते हैं, जो दूसरे की पीड़ा को समझ सके, वही साधु- संत है...5 दिन पहले
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बस मायूसी ग़ायब है - हाल में 'समालोचन' में प्रकाशित कविताएँ : 1. *धरती कभी मायूस होती थी* बाक़ी सब ठीक है बस मायूसी ग़ायब है। प्यासी रूह अनजाने ही चाट लेती है ख़ून सींचीं उ...2 हफ़्ते पहले
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वापसी की तैयारी - *देहरी के पार, कड़ी -** 74* *प्रिया* ने दो दिन के लिए ऑफिस से छुट्टी मयंक को मुंबई की सैर कराने के लिए नहीं ली थी. उसे मयंक और मम्मा-पापा के लिए कुछ खरीददारी...3 हफ़्ते पहले
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मनुष्य और समाज की बेहतरी का ज्ञान-विज्ञान - शिवप्रसाद जोशी - *(विज्ञान में विचार के नये आयाम)* समीक्षा पुस्तकः ज्ञान, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और समाजः आम ज़बान में कुछ बातें *लेखकः लाल्टू* *प्रकाशकः एकलव्य* मूल्यः 2...3 हफ़्ते पहले
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‘कौमुदी’ का फिर से मंचन - हिंदी रंगमंच पर ऐसी प्रस्तुतियां आजकल दुर्लभ हैं जिसमें मनोरंजन, बौद्धिकता के साथ-साथ रंगमंचीय जादू का समन्वय हो. सधी हुई रंगमंचीय दृष्टि के अभाव में इस ...3 हफ़्ते पहले
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केवल हास्य के लिए... - कुदरत का पुरुषों पर ये कैसा कुदरती अत्याचार है, पत्नी को पति से लड़ने का मिला विशेषाधिकार है। आधुनिक सुशिक्षित पत्नियां पति के बराबर कमाती हैं, लेकिन स...4 हफ़्ते पहले
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51-बरसों बाद का उपसंहार डायरी की अंतिम किश्त - *📘 *एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी* 📘* *✍🏼 *शरद कोकास* ✍🏼* *वस्तुतः यह कोई भाग नहीं है ...यह बरसों बाद लिखा गया उपसंहार है। यह उपसंहार भी वस्तुतः उपसं...2 महीने पहले
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वार्षिक संगीतमाला 2024 सरताज गीत : मैनू विदा करो ...अब विदा करो मेरे यारा - वार्षिक संगीतमाला 2024 को विदा करने का वक़्त आ गया है उस साल के सबसे शानदार गीत के साथ जिसे सुन या देख कर शायद ही किसी शख़्स की आँखें न भीगीं हों। कभी किसी ...4 महीने पहले
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यादें पुरानी दे दो - रिश्ता बहुत पुराना, यादें पुरानी दे दो धरती तरस रही है, कुछ तो निशानी दे दो पिघलो जरा ऐ बादल, रोना शुरू करो तुम प्यासी धरा पे सबकी, आँखों में...5 महीने पहले
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प्रकर्ष मालवीय "विपुल" की कविताएँ - 1. *आवाज़ आ रही है* आवाज़ आ रही है? फ़ेसबुक लाइव शुरू करते हुए विद्वतजन ने पूछा- आवाज़ आ रही है? और अनगिनत सहमतियों में बनी ऊपर उठ...5 महीने पहले
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“माँ… मैं गिर गया” - माँ… मैं गिर गया, कुल्हाड़ी की एक चोट से। मेरी जड़ें काँप उठीं, पत्ते चुपचाप रो पड़े। कल तक छाया था मैं, थके पथिक का सहारा। आज ज़मीन पर पड़ा हूँ, अ...6 महीने पहले
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किताब मिली -शुक्रिया -23 - हमारी आंख में खद्दर के ख़्वाब बिकते थे तुम आए और यहां बोस्की के थान खुले ये कौन भूल गया उन लबों का ख़ाका यहां ये कौन छोड़ गया गुड़ के मर्दबान खुले ** ब...9 महीने पहले
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तमिल शब्द ‘अरट्टई’ (அரட்டை arattai) में संस्कृत शब्द ‘वार्ता’ का डी.एन.ए. है ! - लेखक -- राजेन्द्र गुप्ता The Tamil word 'arattai' (அரட்டை) has the DNA of the Sanskrit word ‘vArtA’ ! एक इन्स्टेन्ट मैसेजिंग ऐप (instant messaging app) अथ...9 महीने पहले
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मन के परे यथार्थ क्या है? #जेकृष्णमूर्ति #Reality? #truth #hindi #god ... - जे कृष्णमूर्ति इन हिन्दी9 महीने पहले
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नेपाल, आलिंगन चिकित्सा, अकेलापन, अर्थोत्कर्ष - अर्थोपकर्ष और रहम वाली चाय - काजल कुमार का बनाया कार्टून कल मैंने कुछ पोस्ट्स का जिक्र चिट्ठाचर्चा में किया। फेसबुक पर भी इसे पोस्ट किया। कई मित्रों ने इसे देखा। पढ़ा भी होगा। कुछ मित...10 महीने पहले
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2025–2035: Signs of the Great Transition and the Role of Consciousness - We are living through a rare moment in history — a period where the boundaries between past and future are dissolving rapidly, and the very fabric of hum...1 वर्ष पहले
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महिला दिवस पर आत्ममुग्ध - इस बार का महिला दिवस तो मेरे लिए बे-रौनक ही होने वाला था। बच्चों की परीक्षा का समय और श्रीमान जी की परदेसी नौकरी। मैं तो बस सोशल मीडिया और फोन के सहारे घ...1 वर्ष पहले
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ऑफिशिएटिंग अवार्ड - एक सीनियर सहकर्मी थे, पूरी नौकरी एक ही पद और एक ही शहर में काट दी। ऐसा नहीं कि योग्य नहीं थे लेकिन शहर नहीं छोड़ना था तो प्रोन्नति न लेने का यह उनका सोचा...1 वर्ष पहले
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आग और हवा - उसने कहा कि आग लिखोतुम्हारी लेखनी में आग नहीं हैसवाल तो बहुत सारे हैं लेकिनशिकायतें और आक्षेप नहीं हैंहर पक्ष पर लिखना तो बात को साधना हुआबात साधारण सी हो ...1 वर्ष पहले
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नायक भेदा - नायिकाओं के अनेक भेद पढ़े होंगें आज जरा नायको के भेद भी पढ़िये और देखिये की आप किस श्रेणी मे आतें हैं । तो अलग अलग लोगों ने नायकों के अलग अलग भेद बताये...2 वर्ष पहले
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Hello world! - Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then start writing!3 वर्ष पहले
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लूट का बदला लूट: चंदैनी-गोंदा - विजय वर्तमानचंदैनी-गोंदा को प्रत्यक्षतः देखने, जानने, समझने और समझा सकने वाले लोग अब गिनती के रह गए हैं। किसी भी विराट कृति में बताने को बहुत कुछ होता है ...4 वर्ष पहले
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अंग्रेज: लुटेरों को आदर न दें! - कुछ समय से कुछ छद्म भारतीयों ने एक नया गीत आलापना चालू कर दिया है — कि आज हम जो हैं उसे अंग्रेजों ने हमको दिया था. ये छद्म भारतीय लोग प्राचीन भारतीय समाज, ...4 वर्ष पहले
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तुम मुझे मधुमास देना - डॉ. नागेश पांडेय 'संजय' - जिंदगी संत्रास दे जब, तुम मुझे मधुमास देना। बहारों की स्वामिनी तुम, नेह की हो देवदूती। हर्ष की प्रतिमूर्ति हो तुम, भाव की नदिया अछूती। जिंदगी जब तृप्...5 वर्ष पहले
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सिनेमालोक : साहित्य से परहेज है हिंदी फिल्मों को - सिनेमालोक साहित्य से परहेज है हिंदी फिल्मों को -अजय ब्रह्मात्मज पिछले दिनों जमशेदपुर की फिल्म अध्येता और लेखिका विजय शर्मा के साथ उनकी पुस्तक ‘ऋत...5 वर्ष पहले
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Proofreading Tools - In the hurry to comply with time constraints and produce pamphlets, social duplicate, articles, and online journals for your numerous customers, it isn'...5 वर्ष पहले
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लगातार संघर्ष करने से सफलता अर्जित होती है .... - महाभारत में भीषण युद्ध चल रहा था । युद्द भूमि में गुरु और शिष्य आमने सामने थे । दुर्योधन की तरफ से द्रोणाचार्य और पांडवों की ओर से अर्जुन युध्द के मैदान मे...6 वर्ष पहले
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भदूकड़ा- 9 - * अगले दो दिन तैयरियों में बीते. छोटा-बड़ा तमाम सामान सहेजा गया. अनाज की बोरियां भरी गयीं. मसाले, अचार, पापड़, बड़ियां ....सब कुछ. ज़रू...6 वर्ष पहले
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विवाह संस्कार में बदलते समय के अनुसार आज की आवश्यकता... - [image: आज के दौर में विवाह संस्कार.] विवाह संस्कार हाल के दिनों में एक निमंत्रण ऐसा प्राप्त हुआ जिसमें *विवाह संस्कार* की निमंत्रण पत्रिका की सि...6 वर्ष पहले
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मुफ़्तख़ोर कौन है ? - कल रास्ते में चौबे जी मिल गए। दुःख भरे खीझ खीझकर कहने लगे, जनता मुफ़्तखोर हो गयी है। जनता को सब मुफ़्त में चाहिए। मैंने पूछा, जनता को क्या मुफ़्त में चाहिए ?...6 वर्ष पहले
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नहीं दिखाएंगे बनाम हम देखेंगे - ऐसे मौक़े पर किसी एक पक्ष के बारे में रचना लिख दो, अकसर मशहूर हो जाती है। किसीने लिख दिया कि हम पेपर नहीं दिखाएंगे। बिलकुल ठीक है, नागरिकता वगैरह के पेपर ...6 वर्ष पहले
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तीसरा दिन: जैसलमेर में मस्ती तो है - 13 दिसंबर 2019 कुछ साल पहले जब मैं साइकिल से जैसलमेर से तनोट और लोंगेवाला गया था, तो मुझे जैसलमेर में एक फेसबुक मित्र मिला। उसने कुछ ही मिनटों में मुझे प...6 वर्ष पहले
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पॉर्न क्रांति - सदन में विराजे हुए माननीयों से लेकर सौ नंबर गश्ती दल के आरक्षियों तक सभी मोबाइल फोन पर गंभीर कार्य में अति व्यस्त हैं सो उन्हें तंग न किया जाए शीघ्र ही वे आ...6 वर्ष पहले
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ज़िंंदगी तमाशा.. - नजम सेठी के यूट्ययूब चैनल पर बतकही के एक शो में बात करती एक जवान लड़की दिखी. *एमान सुलेमान*. लम्बा चेहरा. छोटे-छोटे बाल. अटक-अटककर बोलना, मगर ठहरी हुई अ...6 वर्ष पहले
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Kritidev to Unicode Converter - [image: Real Time Font Converter] DL-Manel-bold. (ã t,a udfk,a fnda,aâ) Unicode (යුනිකෝඩ්) ------------------------------ © 2011 Language Technology R...6 वर्ष पहले
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ऐनी सेक्सटन की कविताएँ : अनुवाद - अनुराधा अनन्या - पिछली सदी के आरम्भ में अमेरिका में के समृद्ध व्यापारिक घर जन्मीं* ऐनी सैक्सटन*, एक असाधारण कवयित्री हैं। उनकी कविताओं को confessional verse, स्टाइल की...6 वर्ष पहले
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इंतज़ार और दूध -जलेबी... - वोआते थे हर साल। किसी न किसी बहाने कुछ फरमाइश करते थे। कभी खाने की कोई खास चीज, कभी कुछ और। मैं सुबह उठकर बहन को फ़ोन पे अपना वह सपना बताती, यह सोचकर कि ब...6 वर्ष पहले
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उसका मन - कुछ दिन पहले उसकी परीक्षाएँ चल रही थीं और वो मुझसे फोन पर आराम से बातें करती थी. एक दिन मैंने पूछा कि तुम्हारे तो इम्तिहान चल रहे हैं न? तो बोली “हाँ मौसी ...7 वर्ष पहले
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संकल्प पत्र के निहितार्थ - भाजपा ने घोषणा पत्र तो जारी नहीं किया इसकी जगह एक 'संकल्प पत्र' जारी किया है (इसका जो भी मतलब आप लगाना चाहें) । यह एक शातिर डॉक्यूमेंट है, देखिए और एक मनो...7 वर्ष पहले
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"मेरे आशावाद का आधार है भूमंडलीय यथार्थवाद" - *'परिकथा' पत्रिका के जनवरी-फरवरी, 2019 के अंक में संपादक शंकर द्वारा लिया गया इंटरव्यू* *शंकर :* रमेश जी, आप 1970 के आसपास उभरे एक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक ...7 वर्ष पहले
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Seberapa Greget loe sama Guru, Selamat Hari Guru 2018 - kelakuan kid jaman now asli bikin greget.. hahaha..7 वर्ष पहले
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तेरा जाना.... - पिछले साल इसी महीने में ढेर सारा सामान लेकर शिफ्ट हुई थी वो। इस कमरे में मेरे साथ उसका पहला दिन था। हम दोनों ने एक दूसरे से सिर्फ नाम पूछा था। मैं नाम से ...7 वर्ष पहले
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मन के अंदर चल रहा निरंतर संघर्ष कठिन यह मानव के ... - इच्छाओं के चक्रवात से निरंतर जूझ रहा यह मानव मन उड़ जाता है अशक्त आत्मबलरहित तिनके के माफिक। इधर उधर बेचैन कहीं भी, बिना छोर और बिना ठिकाना दरबदर भटकता व्...7 वर्ष पहले
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गांधी का पुनर्पाठ-5- - असल में सत्याग्रह तो गांधी के समग्र राजनीतिक पाठ का मूलाधार है, उनके आंदोलन की समग्रभाषा और अंतर्वस्तु इसकेजरिए पढ़ी जा सकती है। इसके जरिए स्वाधीन...7 वर्ष पहले
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स्वतंत्रता और आवश्यकता - १ - हे मानवश्रेष्ठों, यहां पर ऐतिहासिक भौतिकवाद पर कुछ सामग्री एक शृंखला के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। पिछली बार हमने यहां ‘मनुष्य और समाज’ के अंतर्गत मनु...7 वर्ष पहले
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क्यों अचानक परदे से गायब हुई 'काला'? - 'काला' क्या सचमुच सिर्फ एक हफ्ते की फिल्म थी? माना जाता है कि बाजार को सिर्फ मुनाफे से मतलब होता है और इसके लिए वह इस बात की फिक्र नहीं करता कि समाज या रा...8 वर्ष पहले
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उम्मीद अभी बाकी है - उम्म्मीद अभी बाकी है ०००००००००००००००००००००० तपती हुई लंबी दोपहरों में कुदालें खोदती हैं हथौड़ा दनदनाता है गर्म लू के थपेड़ों को पसीना अभी भी शीतल बनाता है पे...8 वर्ष पहले
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दि गुड, दि बैड एंद दि अग्ली : सिनेमा 2017 पर ‘विशेष टिप्पणी’ - अभिनय में ये साल राजकुमार राव का रहा। संयोग कुछ ऐसा बना कि इस कैलेंडर इयर में आश्चर्यजनक रूप से उनकी सात फ़िल्में रिलीज़ हुईं। इनमें आॅल्ट बालाजी की महत्वा...8 वर्ष पहले
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समय उदास होने का एक मौका भर है - समय और कुछ नहीं है बस उदास होने का मौका है और ऐसा नहीं है कि तुम उसे उँगलियों पे गिन के ख़त्म कर दोगे वो रहेगा तुम्हारे होने तक और उसके बाद भी तुम्हें उदास...8 वर्ष पहले
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मोदी को मूडी की शह: आनंद तेलतुंबड़े - *आनंद तेलतुंबड़े अपने इस स्तंभ में मूडीज़ द्वारा मोदी सरकार को दी गई रेटिंग पर चर्चा कर रहे हैं. अनुवाद: रेयाज़ उल हक़* नोटबंदी और जीएसटी पर मोदी सरकार क...8 वर्ष पहले
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पंचेश्वर बाँध : आपदा तब आती है, जब आप उसे भूल जाते हैं! - -रोहित जोशी "...इस ख़बर से लगता है कि वाकई हम 2013 के सबक भूल गए हैं. हम हिमालय के संवेदनशील भूगोल में एक ऐसी जगह पर 116 वर्ग किमी की एक विशाल झील बनाने की ...8 वर्ष पहले
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आज के इंसान की सच्चाई - Rajni Kapoor · मैं थक-हार कर काम से घर वापस जा रहा था। कार में शीशे बंद होते हुए भी..जाने कहाँ से ठंडी-ठंडी हवा अंदर आ रही थी…मैं उस सुराख को ढूंढने की कोश...9 वर्ष पहले
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बहुत अहम है यह जानना भी.... - . . . आज तो बहुत रौनक रही ब्लॉगों पर... पर दहकता सवाल यह है कि... क्या आगे भी आज सी ही सक्रियता बनाये रखोगे मित्रों ? ...9 वर्ष पहले
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माइलेज - वे कम खाती हैं मगर ज्यादा समय तक काम कर लेती हैं। वे बीमार पड़ती हैं तो उन्हें बिस्तर पर आराम करना कभी अच्छा नहीं लगता। उनके पेट में एक और केमिस्ट की दुका...9 वर्ष पहले
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Best 5 Free Android News and Feed Reader Apps - One of the prominent reasons why people buy smartphones is to keep in touch with latest news and updates round the clock. But many people still don’t use...9 वर्ष पहले
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केरल डायरीज़ - ५ : पानियों पे बहती ज़िन्दगी... - *१ फरवरी २०१७* मुन्नार की ख़ुमारी अभी उतरी भी नहीं थी कि आज एक और सफ़र पर निकलना था... आज का दिन थोड़ा लंबा होने वाला था... कोच्ची से तकरीबन २२० किलोमीटर क...9 वर्ष पहले
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चलता फिरता प्रेत... (वेताल.. विलाप) - *A man will be imprisoned in a room with a door that’s unlocked and opens inwards; as long as it does not occur to him to pull rather than push.* *-**Lud...9 वर्ष पहले
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प्रकृति करगेती के कविता संग्रह से कुछ कविताएँ - इस साल पुस्तक मेले में खूब कविता की किताबें आई. पिछले साल कम आई थी. जाने-पहचाने कवियों की किताबें आई कुछ चुपचाप कवियों की भी. प्रकृति करगेती का पहला कवि...9 वर्ष पहले
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चुस्सू, दोतीनपांच और गंगा की सौगंध - लफत्तू की तबीयत सुधर रही थी और उसके परिवार के साथ उसके रिश्ते भी. यहाँ तक कि उसका जल्लाद भाई भी यदा-कदा उसकी मिजाजपुर्सी में लगा दिख जाया करता. मुझे और पू...10 वर्ष पहले
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शिवजी के ललाट पर बालचंद्र क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं? - कौस्तुभ ने पूछा है कि शिवजी के ललाट पर बालचंद्र क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं? अब सवाल है तो उत्तर भी होना चाहिए। किसी को यह भी लग सकता है कि भला य...10 वर्ष पहले
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प्रार्थना – 4 / सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - प्रार्थना – 4 यही प्रार्थना है प्रभु तुमसे जब हारा हूं तब न आइए। वज्र गिराओ जब-जब तुम मैं खड़ा रहूं यदि सीना ताने नर्क अग्नि में मुझे डाल दो फिर भी जिऊं...10 वर्ष पहले
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क्या सितम है कि हम लोग मर जायेंगे. - *कितनी दिलकश हो तुम,कितना दिलजू हूँ मैं,* *क्या सितम है कि हम लोग मर जायेंगे. * सुबह 6 बजे से यह शेर गूँज रहा है दिल-ओ-ज़ेहन में. अम्मा और मौसी यूँ किसी...10 वर्ष पहले
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रो लो पुरुषो , जी भर के रो लो - बड़ा कमज़ोर होता है बुक्का फाड़कर रोता हुआ आदमी मज़बूत आदमी बड़ी ईर्ष्या रखते हैं इस कमज़ोर आदमी से .................................................. सुनो लड़क...10 वर्ष पहले
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Threads of affection - Fili d'affetto - मोह के धागे - [image: Family, Guwahati, Assam - Images by Sunil Deepak] [image: Siblings, Guwahati, Assam - Images by Sunil Deepak] [image: Friends, Guwahati, Assam - I...10 वर्ष पहले
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जीता महागठबंधन - क्यों ‘हारा’ बिहार - *सीता की जन्मभूमि ये बिहार, गांधी की कर्मभूमि ये बिहार, * *सम्राट अशोक की शक्तिभूमि-धर्मभूमि ये बिहार-ये बिहार।* *वाल्मिकी ने रची रामायण, लव कूश को जाने संस...10 वर्ष पहले
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Using Surveys for Managing Online Reviews - Online reviews have been proven to be as influential as a personal recommendation from a trusted friend. With the weight that is given to these reviews it ...10 वर्ष पहले
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याद - डॉक्टर साहब गर्मियों की छुट्टियों में आते थे, नीचे शहर से। जैसे सभी लोग आते थे। और चले जाते थे, जब सब लोग चले जाते थे। बस एक दिन और रहकर।10 वर्ष पहले
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जिसके कंठ से पृथ्वी के सारे वृक्ष एक साथ कविता पाठ करते थे : मिगुएल हर्नान्देज़ - मिगुएल हर्नान्देज़ ऐसा कवि नहीं था , जैसा हम अक्सर अपने आसपास के कवियों के बारे में जानते-सुनते हैं. उसका जीवन और उसकी कवितायेँ , दोनों के भीतर संवेदना, अनु...10 वर्ष पहले
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अपने मन की करना ही ख़तरनाक राजनीति है ! - *बैटल ऑफ बनारस के बहाने कमल स्वरूप से बातचीत * प्रश्न : आप की फिल्म बैटल ऑफ बनारस का अभी क्या स्टेटस है? कमल: फिल्म को स्क्रीनिंग कमेटी ने रिजेक्ट कर द...10 वर्ष पहले
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स्मार्ट फोन की तितली में तितलियों से ज़्यादा रंग हैं - चूक गया हूँ बहुत बड़े मार्जिन से मैंने कोई ऐसी स्त्री तो नहीं देखी जिसे दिल तोड़ने की मशीन कहा जाता है मगर मैं जानता हूँ एक ऐसे शख्स को जिसे आप उम्मीद तोड़ने क...10 वर्ष पहले
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रामशरण शर्मा मुंगेली की रचनायें - काम करो नित काम करो मत – जांगर पेरत मूड़ नवाई पथरा ले रस बाहिर तीरव – बंजर देवव सोन उगाई नीक रहो अउ ठीक रहो सब – खीक रहो मत जागहु भाई रे झन मूरख के कर संग...10 वर्ष पहले
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थोड़ी फुर्सत मिली तो थी - फुर्सत मिली तो थी सोचा थोड़ा ये कर लूं थोड़ा वो कर लूं सुस्ता लूं किसी संगीत का आनंद ले लूं किसी कोमल धुन को याद कर लूं किसी मनोरम दृश्य को याद कर लूं इस एका...11 वर्ष पहले
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सोऽहम् - (परसों, 7 जुलाई को गुलेरी जी की 132वीं जयंती थी. परदादा को याद करते हुए यहां उनकी एक व्यंग्यात्मक कविता, जो 'सरस्वती' पत्रिका में साल 1907 में प्रकाशित हु...11 वर्ष पहले
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गुणकारी अलसी के सेवन से होनेवाले लाभ - दुनिया के अनेक देशों में अलसी या Flaxseed लोकप्रिय और स्वास्थ्यप्रद आहार के रूप मे जाना जाता है. अलसी और इसके तेल (जिसे flaxseed oil या linseed oil भी कहते...11 वर्ष पहले
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नीली गोली के बाद अब गुलाबी गोली को हरी झंडी! - पुरुषों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मददगार विख्यात नीली गोली (वियाग्रा) के बाद अब अमेरिकन महिलाओं को भी जल्द ही महिला यौन रोग के उपचार के नाम पर पहली बार " ग...11 वर्ष पहले
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अम्मां यादों में - This post is about memories of my mother. रिश्तों में सबसे पवित्र रिश्ता है मां का है। इस चिट्ठी में कुछ बाते अम्मां के बारे में। is chitthi mein Amma kee ...11 वर्ष पहले
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गौमांस निषेध को अपना समर्थन दीजिए……… - सात आसान चरण गाय को गौमांस का सामान बनने से बचाने के लिए... 1. Visit the link : 2. Click 'Yes' 3. Click 'Submit' 4. Come back to this post 5. Copy the des...11 वर्ष पहले
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क्या बेहतर है - विवरणात्मक व्याकरण या निर्देशात्मक व्याकरण? - भाषाई प्रयोगों का विवरण मात्र देकर सही-ग़लत प्रयोग पर अंतिम राय नहीं देने वाले व्याकरण को विवरणात्मक कहा जाता है, जबकि नियमों के पालन पर ज़ोर देने वाला व्...11 वर्ष पहले
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ख़तरे में पत्रकारिता तो लोकतंत्र पर साया - पिछ्ले साल दुनियाभर में क़रीब 60 पत्रकार मारे गए, साल 2013 में ये आंकड़ा 70 के पास था. एक तरफ़ इन पत्रकारों में सीरिया और इराक़ में आईसिस के चंगुल में फंसे ...11 वर्ष पहले
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आओ अपनी-अपनी क़िस्मत बदलते हैं... - आओ अपनी-अपनी क़िस्मत बदलते हैं.. अपना गुज़रा हुआ कल अभी ज़्यादा पीछे नहीं गया है फिर उसी सिफ़र से शुरू करते हैं नाम-रंग-जाति-धर्म हर कुछ जिन-जिन का व...11 वर्ष पहले
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हिन्दू पुनर्जागरण के लिए हिन्दू कांग्रेस - अनिल सौमित्र गत दिनों में हिन्दू और हिंदुत्व सर्वाधिक चर्चित शब्द रहा है l अधिकांशत: यह चर्चा प्रतिक्रियात्मक होती है l इसलिए हिन्दू और हिंदुत्व शब्द ज्याद...11 वर्ष पहले
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शब्दों से भर जाना ही रीत जाना है। - रीत जाने के दिन बहुत मुश्किल होते हैं... कुढे हुए मन होते हैं मानो वह रहस्य जो सभी जानते हैं आस पास और रह पाते हैं सामान्य हमें मालूम न हो पाए कैसे भी...। स...11 वर्ष पहले
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एक मां को देखते हुए... - तस्वीर गूगल से साभार क्यों पूजे वो तुम्हें? जिसकी मांग का सिंदूर खुद न उतरा था तुमने रगड़ दी थी बदकिस्मती उसकी मांग पर अंगड़ाई भी न टूटी थी जिन मखमली रातो...11 वर्ष पहले
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एक नज़्म तेरे लिए ! - भीगा सा दिन, भीगी सी आँखें, भीगा सा मन , और भीगी सी रात है ! कुछ पुराने ख़त , एक तेरा चेहरा, और कुछ तेरी बात है ! ऐसे ही कई टुकड़ा टुकड़ा दिन और कई ट...12 वर्ष पहले
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बलात्कार के पीछे - शैतान*, *जो हमारे भीतर रहता है राजकिशोर अगर जानवरों पर मानव समाज की दंड संहिता लागू कर दी जाए, तो लगभग सभी चौपाये कभी-न-कभी गिरफ्तार हो जाएंगे. ल...12 वर्ष पहले
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ख़ामोश इल्तिज़ा - तन्वी बालकनी में खड़ी सामने फैले स्याह अँधेरे को घूंट घूंट पीने की कोशिश कर रही थी ,सोचती कुछ ऐसा जादू हो कि वो स्याह अँधेरे में गुम हो जाए और फिर कोई उस...12 वर्ष पहले
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दीदी के लिए - कौन पुण्य जो फल आयी हो? दीदी तुम जैसे माँ ही हो। पुलकित ममता का मृदु-पल्लव, प्रात की पहली सुथराई हो। मेरे अणुओं की शीतलता, मनः खेचर की तरुणाई हो। क...12 वर्ष पहले
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मैक्सिम गोर्की की कहानी : उसका प्रेमी - *मुझे एक बार मेरी जान-पहचान वाले एक व्यक्ति ने यह घटना बताई थी।* उन दिनों में मास्को में पढ़ता था। मेरे पड़ोस में एक ऐसी महिला रहती थी, जिसकी प्रतिष्ठ...13 वर्ष पहले
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कुछ कविताएँ - एक वे दोनों वे जो अपने अपकृत्य का नाम दे रहे हैं परिवर्तन और वे जो परिवर्तन को कह रहे है कुकृत्य दोनों के साथ है कुछ लोग मचा हुआ है घमासान उनमें उछल...13 वर्ष पहले
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रावण - *बस यूं ही!!* बैठे-बैठे बातचीत में हमने एक साथ सोचा कि *“संवेदना के स्वर”* बहुत दिनों से मौन पड़े हैं. क्यों न इसे पुनः मुखर किया जाए. *बस यूं ही!!* याद आ...13 वर्ष पहले
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समाजवादी चिंतक किशन पटनायक को श्रद्धांजलि के साथ राजेंद्र राजन की एक कविता - तुम थे हमारे समय के राडार तुम थे हमारे ही तेजस रूप हमारी चेतना की लौ हमारी बेचैनियों की आंख हमारा सधा हुआ स्वर हमारा अगला कदम। जब राजनीति व्यापार में बदल र...13 वर्ष पहले
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अवकाश - आदरणीय ब्लागर मित्रो, अस्वस्थ होने के कारण शायद अंतरजाल पर न आ पाऊँ । इसलिए कुछ समय के लिए शायद आप से भेंट न हो। स्वास्थ लाभ करके पुनः आपसे सम्पर्क स्था...14 वर्ष पहले
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अदम जी मुझे लौकी नाथ कहते थे - जयपुर में अदम जी मंच संचालन कर रहे थे। मुझे कविता पढ़ने बुलाने के पहले एक किस्सा सुनाया। किसी नगर में एक बड़े ज्ञानी महात्मा थे। उनका एक शिष्य था नाम था...14 वर्ष पहले
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'लेडिस' से त्रस्त जेंट्स - हमारे देश में एक तरफ तो महिलाओं की बराबर की हिस्सेदारी की बात होती है, तो वहीँ दूसरी ओर महिलायें खुद महिला होने का फायदा उठाती हैं. जी नहीं, ये कोई नारीवाद...14 वर्ष पहले
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महाभियोग की कार्रवाई से पहले हाई कोर्ट न्यायाधीश ने इस्तीफा दिया - महाभियोग की कार्रवाई का सामना कर रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायधीश सौमित्र सेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सेन ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया ...14 वर्ष पहले
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विश्वास - ------------------------------ ओ ! जीवन के थके पखेरू, बढ़े चलो हिम्मत मत हारो, पंखों में भविष्य बंदी है मत अतीत की ओर निहारो, क्या चिंता धरती यदि छूटी उड़ने...15 वर्ष पहले
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किशोर'दा - ये शाम भी अजीब है…! - किशोर'दा : याद तो हमेशा आते रहते हैं, सो कैसे कहूँ कि आज ज़्यादा याद आए? मगर यह कह सकता हूँ कि आज मन किया कि उनके कुछ गीत सुनाऊँ चाहने वालों को - जो शायद उन...15 वर्ष पहले
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Akhilesh ji ko patr - 27. 9. 10 प्रिय अखिलेश जी, आपका पत्र संख्या 2, दिनांक 21. 9 10 का पत्र मिला। धन्यवाद। आपने पुस्तकें वापिस करने वाले प्रश्न पर जवाब सोच समझकर ही दिया होगा तभ...15 वर्ष पहले
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अभिशप्त एक और भोपाल! एंडरसन भागा नहीं है !!!! - ये देश में हर जगह पैदा हो रहे भोपाल का किस्सा है ,ये हिंदुस्तान के स्विट्जरलेंड की तबाही का किस्सा है ,ये रिहंद बाँध में अपने महल के साथ डूब गयी रानी र...16 वर्ष पहले
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किताबें बचेंगी तो पढ़ना बचेगा, लिखना भी - कई समय से मन था कि कोई ऐसी जगह बने जहां हिंदी किताबों के बारे में नये सिरे से बात हो सके. अगर किताबें होंगी तो लिखना और पढ़ना भी बचा रहेगा. हमारी ये बातचीत...16 वर्ष पहले
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